छींक आने की क्या वजह है और छींक को रोकना से ख़तरा क्यों हो सकता है?
छींक,आना हम सब की लाइफ में बड़ी साधारण सी बात है मगर छींक से जुड़ी ये बात बहुत कम लोगों को पता होगीं
सच बात ये है की जब हम खांसते है या फिर छींकते हैं तो हमारे शरीर में दबाव होता है, इससे वजह से फेफड़ों पर प्रेशर पड़ता है
इस कंडीशन में यदि कोई छींक रोकता है तो ये दबाव करीब 10 गुना ज्यादा बढ़ जाता है
ऐसे कंडीशन में बदन के कमजोर हिस्सों में ज़ादा प्रेशर पड़ने से घाव हो सकता है
इस की वजह से कान तथा आंखों पर भी असर पड़ सकता है
मगर जब हम किसी सार्वजनिक जगह पर होते हैं तो हम इसे रोकने की कोशिश करते हैं
छींक बॉडी के अंदर जाने वाले बैक्टिरिया को रोकने में हेल्प करती है। ऐसे वखत में छींक रोकने से ये बैक्टिरिया शरीर में चले जाते है। इससे बीमारियां हो सकती हैं
जो व्यक्ति लगातार तीन बार छींकते हैं, उनके लिए " एक छींक हो सकता है इसे ढीला कर देती है,
मगर दूसरी छींक इसे नाक के सामने ले जाती है तथा तीसरी छींक इसे नाक से बाहर निकाल देती है