भाजपा को हराने के लिए बना 'INDIA' गठबंधन क्या बिखरता दिख रहा है? सत्य न्यूज़ हिंदी

भाजपा को हराने के लिए बना ‘INDIA’ गठबंधन क्या बिखरता दिख रहा है?

India allience
 

India allience

INDIA alliance: हिंदुस्तान के करीब दो दर्जन से ज़ादा सियासती दलों ने आने वाले आम इलेक्शन में नरेंद्र मोदी Narendra modi के अगुवाई वाली बीजेपी का सामना करने के लिए गुज़री जुलाई में एक गठबंधन का निर्माण किया था

इंडिया गठबंधन INDIA alliance में खास विपक्षी दल कांग्रेस के साथ- कई क्षेत्रीय पार्टियां शामिल थी । जिसका नाम ‘इंडिया’ गठबंधन INDIA alliance दिए गया इसका पूरा नाम ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इनक्लूसिव एलायंस’ था ।

इंडिया गठबंधन INDIA alliance की सफलता घटक पार्टियों के बीच एकता तथा सीट बंटवारे से जुड़े समझौते पर टिकी थी । इस लिए क्यों की एक सीट पर केवल एक कैंडिडेट को उतारकर भाजपा को कड़ी टक्कर दी जा सके ।

INDIA alliance का हाथ जोख़िम भरा

भाजपा का एकमात्र विकल्प कांग्रेस ही दिखता है वो इस लिए क्यूंकि पार्टी हिंदुस्तान के करीब हर राज्य में मौजूदगी है। इस लिए गठबंधन की कमज़ोरी की वजह भी है ।

कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2019 के इलेक्शन में केवल 20 फ़ीसदी वोट हासिल किए थे तथा आजकल भी वो कुर्सी की वापसी के लिए लड़ रही है।



वेर्नीयर का कहना हैं की कांग्रेस पार्टी क्षेत्रीय पार्टी से ज़ादा सीटों की मांग करती है तथा क्षेत्रीय पार्टी को ये कतई पसंद नहीं है। ऐसी माना जाता है कि कांग्रेस पार्टी एक ख़तरनाक अलायंस पार्टनर है जो की अपनी कमज़ोरियों के वजह से आपको भी ले डूबेगी।

मगर कुछ लोगों का मानना है कि विपक्ष पार्टी की परेशानी के लिए केवल कांग्रेस को ही जिम्मेदार करार देना ठीक नहीं है ।

भाजपा का सामना करना काफी कठिन

सियासी विज्ञानी आसिम अली का मानना हैं कि भाजपा के नैरेटिव को मीडिया, कारोबार तथा समाज के बड़े हिस्से का सपोर्ट हासिल है । मगर विपक्ष पार्टी के पास भी मुद्दों की कमी नहीं है ।

इंडिया गठबंधन सरकार को नौकरियों के मोर्चे पर असफलता को रेखांकित करता रहा है।

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विपक्ष पार्टी भाजपा के मुस्लिम विरोधी भाषण, मीडिया पर कथित आकर्मण तथा राजनीती विरोधियों की प्रताड़ना का विरोध करते रहे हैं । खासकर भाजपा तथा मोदी के हिंदू राष्ट्रवाद की काट उनके पास है ही नहीं ।

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