सूरत के कांग्रेस कैंडिडेट रहे नीलेश कुंभानी पर्चा ख़ारिज होने पर आए सामने - सत्य न्यूज़ हिंदी

सूरत के कांग्रेस कैंडिडेट रहे नीलेश कुंभानी पर्चा ख़ारिज होने पर आए सामने

नीलेश कुंभानी
 

नीलेश कुंभानी

नीलेश कुंभानी: मोदी राज्य गुजरात में सूरत सीट से नामांकन ख़ारिज होने के बाद अयोग्य बता दिए गए कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभानी ने बताया है की उन्होंने नहीं बल्कि पहले कांग्रेस पार्टी ने उनको धोखा दिया था ।

कुंभानी ने बताया कि वो भाजपा में शामिल नहीं होंगे तथा अपना सोशल वर्क लगातार जारी रखेंगे ।

कांग्रेस पार्टी के कुंभानी का नामांकन रिजेक्ट होने के बाद यहां से भाजपा के कैंडिडेट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया था ।

इसके बाद कुंभानी का कुछ पता नहीं चल रहा था । मीडिया जानकारी में ये कहा जा रहा था कि वो भाजपा से मिल गए हैं । मगर उन्होंने कहा कि वो भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहे हैं ।

कांग्रेस पार्टी ने केवल इस सीट पर इलेक्शन प्रक्रिया रद्द करने की मांग की थी साथ ही साथ नीलेश को छह वर्ष के लिए पार्टी से निकाल दिया था ।



लगभग 20 दिनों के बाद सामने आए नीलेश कुंभानी ने बताया कि वह कहीं पर भी नहीं गए थे बल्कि अपने घर पर थे मगर झूठी अफ़वाह ये फैलाई गई कि नीलेश कुंभानी भाग गए हैं ।

‘अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने कुंभानी के सार्वजनिक रूप से सामने आने तथा फिर उनके दावों पर लम्बी खबर छापी है ।

न्यूज़ पेपर के मुताबिक़, कुंभानी ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी को धोखा नहीं दिया बल्कि पार्टी ने वर्ष 2017 के विधानसभा इलेक्शन में उन्हें धोखा दिया ।

उस वख्त आख़िरी समय में कांग्रेस ने सूरत की कामरेज इलाके से विधानसभा सीट से उनका टिकट काट दिया था ।

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कुंभानी के साथ ऐसा होने पर राज्य के कांग्रेस प्रमुख शक्ति सिंह गोहिल, परेश धनानी, तथा आम आदमी पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया ।

कुंभानी का पर्चा रिजेक्ट होने तथा दूसरे कैडिडेट के नाम वापस लेने की वजह से भाजपा के मुकेश दलाल को बिना विरोधी निर्वाचित कन्फर्म कर दिया गया था ।

ख़बरों के हिसाब से कुंभानी ने कहा, “इलेक्शन में पार्टी के नेता निष्क्रिय थे तथा मेरे सपोर्टरों को प्रचार करने से भी रोका जा रहा था ।

इसलिए मेरे सपोर्टरों ने वर्ष 2017 में पार्टी की तरफ से मेरे साथ किए वेवहार का बदला लेना चाहते थे हमको उनके प्लान के बारे में कुछ पता नहीं था ।

कुंभानी ने बताया, “मैं क़ानूनी एक्शन के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं से मिलने जा रहा था उसी वख्त पार्टी सपोर्टार मेरे घर पर प्रदर्शन भी करने लगे । फिर खुद का फ़ैसला बदल दिया’’

उन्होंने इस बात से मना कर दिए कि अपना पर्चा हटाने यांनी ख़ारिज कराने के लिए उन्होंने रुपए लिए थे ।

यूथ कांग्रेस पार्टी के सचिव प्रदीप सिंधव ने उनका एड्रेस बताने वालों को 5000 रुपये इनाम देने का घोषणा किया था ।

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