हनुमान जी का नाम आखिर हनुमान कैसे पड़ा ? जाने पूरी कहानी

हिन्दू समाज में भगवन हनुमान की पूजा काफी ज़ादा होती हनुमान जी भगवन राम के सेवक भी थे 

हनुमान जी आकाश तथा पाताल के रक्षक भी कहलाते है उनको दसों दिशाओं के रक्षक माने जाते है 

रामायण ग्रन्थ में भगवन हनुमान जी को भगवन राम को परम भक्त माना जाता है 

लेकिन क्या आप को इस बात की जानकारी है की उनका नाम हनुमान कैसे पड़ा आज हम आप को बताते है की आखिर उनका ये नाम कैसे पड़ा 

 पौराणिक कथा के हिसाब से भगवन हनुमान के बचपन का नाम मारुति है। मारुति बालकाल से ही बहुत ताकतवर थे।

बचपन में मारुती को बहुत भूख लगी थी उनको पड़े की आड़ में एक फल दिखाई दिया असल में वो फल नहीं सूर्ये देव थे

मारुती ने उसको खा लिए उसके बाद सरे संसार में अंधकार छा  गया सब देवताओं ने उनसे प्राथना किया की उनको बाहर निकाले

मगर प्राथना के बाउजूद भी उन्होंने नहीं निकला ऐसे में भगवन इंद्र को मजबूर होकर अपना व्रज उठाना पड़ा 

इंद्र देव ने अपने व्रज से उनके ठुड्डी पर प्रहार किया जिसे हनुमान जी का हनु टूट गया 

तबसे हनुमान जी का नाम हनुमा पड़ गया 

ये जानकारी केवल मान्यताओं, धार्मिक ग्रंथों तथा विभिन्न माध्यमों पर सिर्फ आधारित है। किसी भी प्रकार की जानकारी को मानने से पूर्व  विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।