मोदी सरकार नए संसद भवन के लिए उतावली क्यों ? पुराने संसद भवन Sansad Bhavan का क्या..?
जैसा की हम सब जानते ही है की भारत की मोदी सरकार ने नए संसद भवन Sansad Bhavan का निर्माण कर दिया है। अब पीएम मोदी 28 मई 2023 को इस नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। देश मे मोदी सरकार के द्वारा बनाए गए नए संसद भवन की चर्चा इन दिनो काफी तेज है।
और देश की सियासत भी इस मुद्दे पर काफी गरम है। क्या आपको पता है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिर क्यों नई संसद भवन का निर्माण कराया है। और नए संसद भवन बनने के बाद पुराने संसद भवन का क्या होगा।
मोदी सरकार नए संसद भवन के लिए उतावली क्यों? नए संसद भवन की जरूरत क्यों पड़ी ?

देश को नए संसद भवन की क्या जरूरत जबकी पुरानी संसद तो अभी भी अच्छी और मजबूत इमारत है। तो आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, की भारत का पुराना Sansad Bhavan लगभग 100 वर्ष पुराना हो चुका है।
वहीं देश की सत्ता मे बैठी मोदी सरकार का मानना है की पुराने Sansad Bhavan मे सम्मानित सांसदों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। आपको बता दें, की इस समय लोकसभा मे 545 सीट है।
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लेकिन आने वाले समय मे इस संख्या मे कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। यही कारण है की मोदी सरकार ने नए संसद भवन का फैसला लिया है। पुराने संसद भवन का उपयोग संसदीय आयोजनों के लिए होगा।
क्या क्या अलग है नई Sansad Bhavan मे

आपको बता दें, नया संसद भवन आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। नए संसद भवन को मोर के पंख की थीम पर और राज्यसभा को राष्ट्रीय फूल कमल थीम की तरह डिजाइन किया गया है।
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नए लोकसभा भवन में 888 सीटों की क्षमता है यानि 888 लोग बहुत ही आसानी से नए लोकसभा मे आसानी से बैठ सकते है। नए बने राज्यसभा हॉल की क्षमता को 250 से बढ़ाकर 384 किया।